Budget 2027: 12 अक्टूबर से बजट-पूर्व बैठकें, ग्रोथ और रोजगार पर रहेगा जोर
वैश्विक बाजार में बढ़ती अनिश्चितता और खाद्य एवं ईंधन की ऊंची कीमतों के बीच केंद्र सरकार अगले वित्त वर्ष के बजट की तैयारियां जल्द शुरू करने जा रही है। वित्त मंत्रालय 12 अक्टूबर, 2026 से बजट-पूर्व बैठकों की शुरुआत करेगा, जबकि वित्त वर्ष 2027-28 का केंद्रीय बजट 1 फरवरी, 2027 को पेश किया जाएगा।
सरकार ने इस बार बजट प्रक्रिया को पहले शुरू करने का फैसला किया है। माना जा रहा है कि अगले बजट में आर्थिक विकास को गति देने, रोजगार के अवसर बढ़ाने और घरेलू मांग को मजबूत करने के लिए सुधारों को आगे बढ़ाने पर जोर दिया जाएगा।
12 अक्टूबर से शुरू होंगी बजट-पूर्व बैठकें
आर्थिक मामलों के विभाग की ओर से जारी बजट सर्कुलर 2027-28 के मुताबिक, व्यय सचिव की अध्यक्षता में बजट-पूर्व बैठकें 12 अक्टूबर से शुरू होंगी और नवंबर 2026 के मध्य तक चलेंगी।
वित्तीय सलाहकारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि बजट से जुड़ी सभी जरूरी जानकारियां 6 अक्टूबर, 2026 तक या उससे पहले केंद्रीय बजट सूचना प्रणाली (UBIS) में सही तरीके से दर्ज कर दी जाएं।
निर्धारित प्रारूप में आंकड़ों की प्रतियां भी सत्यापन के लिए जमा करनी होंगी।
बजट अनुमान और खर्च सीमा पर होगी चर्चा
बजट-पूर्व बैठकों के पूरा होने के बाद वित्त वर्ष 2027-28 के बजट अनुमान और 2026-27 के संशोधित अनुमानों को अस्थायी रूप से अंतिम रूप दिया जाएगा।
बैठकों में विस्तृत चर्चा के बाद मंत्रालयों और विभागों को शुरुआती खर्च सीमा की जानकारी दी जाएगी। सरकार की खर्च प्राथमिकताओं और उपलब्ध राजस्व को ध्यान में रखते हुए अंतिम खर्च सीमा तय की जाएगी।
इसी सीमा के आधार पर मंत्रालयों और विभागों के लिए अगले वित्त वर्ष के खर्च का खाका तैयार किया जाएगा। विभिन्न हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद बजट को अंतिम रूप दिया जाएगा।
विकास, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस
मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए सरकार के अगले बजट में विकास को गति देने और इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर विशेष जोर रहने की उम्मीद है।
टैक्स व्यवस्था में हाल के वर्षों में कई बड़े सुधार किए जा चुके हैं। ऐसे में सरकार का अगला बड़ा फोकस रोजगार सृजन, निवेश बढ़ाने और घरेलू मांग को मजबूत करने पर हो सकता है।
इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के लिए बजट आवंटन बढ़ाए जाने की संभावना है। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र को भी अधिक संसाधन दिए जाने की उम्मीद है।
यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के तीसरे कार्यकाल वाली सरकार का चौथा पूर्ण बजट होगा। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार 10वीं बार केंद्रीय बजट पेश करेंगी।
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