किडनी खराब होने से पहले आंखें देती हैं 6 बड़े चेतावनी संकेत, सुबह उठते ही इन लक्षणों को जरूर जांचें
किडनी हमारे शरीर से वेस्ट प्रोडक्ट्स बाहर निकालने, इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखने और ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में अहम भूमिका निभाती है। लेकिन खराब लाइफस्टाइल और असंतुलित डाइट के कारण कई बार हम अनजाने में ही अपनी किडनी को नुकसान पहुंचा देते हैं।
अक्सर लोगों को लगता है कि किडनी खराब होने के संकेत सिर्फ पेशाब के रंग या मात्रा में बदलाव से ही पता चलते हैं, लेकिन यह पूरी तरह सच नहीं है। वास्तव में, किडनी डैमेज के कुछ शुरुआती लक्षण आंखों में भी दिखाई दे सकते हैं। आइए जानते हैं कि किडनी डैमेज होने पर आंखों में कौन-कौन से संकेत नजर आते हैं।
आंखों के आसपास सूजन
किडनी से जुड़ी समस्या का सबसे आम और शुरुआती लक्षण आंखों के नीचे और आसपास सूजन होना है, जिसे पेरिऑर्बिटल एडिमा कहा जाता है। जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो शरीर से प्रोटीन का रिसाव होने लगता है, जिससे टिश्यूज में फ्लूइड जमा हो जाता है और आंखों के पास सूजन दिखने लगती है।
हालांकि सुबह उठने पर हल्की सूजन सामान्य हो सकती है, लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
आंखों में ड्राइनेस और खुजली
किडनी डैमेज की स्थिति में शरीर में मिनरल्स और पोषक तत्वों का संतुलन बिगड़ जाता है। कैल्शियम और फॉस्फोरस का असामान्य स्तर आंखों की नमी को प्रभावित करता है, जिससे आंखों में जलन, ड्राइनेस और लगातार खुजली की समस्या हो सकती है।
आंखों में लालिमा
जब किडनी ठीक से काम नहीं करती, तो मेटाबॉलिज्म प्रभावित होता है। इससे कैल्शियम और फॉस्फेट के क्रिस्टल आंखों की सफेद सतह पर जमा हो सकते हैं, जिससे आंखें लाल नजर आने लगती हैं। कई बार लोग इसे एलर्जी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जबकि यह किडनी की गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।
धुंधला दिखाई देना
डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी डैमेज के प्रमुख कारण हैं और ये दोनों ही आंखों की रेटिना को भी नुकसान पहुंचाते हैं। किडनी के ठीक से काम न करने पर शरीर में फ्लूइड जमा हो सकता है, जिससे आंखों के लेंस का आकार बदल जाता है और नजर धुंधली हो जाती है।
पेरिफेरल विजन का कमजोर होना
पेरिफेरल विजन यानी आंखों के किनारों से दिखाई देने की क्षमता। किडनी से जुड़ा हाई ब्लड प्रेशर आंखों की नसों पर दबाव डालता है, जिससे धीरे-धीरे साइड विजन प्रभावित होने लगता है। इसे ग्लूकोमा जैसी स्थिति से भी जोड़ा जाता है।
आंखों में दबाव या दर्द
जब किडनी शरीर से अतिरिक्त फ्लूइड बाहर नहीं निकाल पाती, तो फ्लूइड रिटेंशन बढ़ जाता है। इसका असर आंखों के अंदरूनी दबाव पर पड़ता है, जिससे आंखों में भारीपन, दबाव या हल्का दर्द महसूस हो सकता है।
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