दिशा सालियन केस: CBI जांच में अब तक क्या हुआ? आदित्य ठाकरे ने FIR को बताया ‘चरित्र हनन’ की कोशिश
दिवंगत सेलिब्रिटी मैनेजर दिशा सालियन की 2020 में हुई मौत का मामला एक बार फिर चर्चा में है। बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेश के बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने मामले में FIR दर्ज कर नए सिरे से जांच शुरू कर दी है। FIR में हत्या, सामूहिक दुष्कर्म, आपराधिक साजिश और सबूत मिटाने से जुड़े आरोपों की जांच का प्रावधान है। हालांकि, CBI ने फिलहाल किसी व्यक्ति को आरोपी के तौर पर नामित नहीं किया है।
CBI FIR में किन लोगों का जिक्र?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, FIR में कई लोगों के नाम ऐसे व्यक्तियों के रूप में सामने आए हैं, जिनकी भूमिका की जांच की मांग की गई है। इनमें शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे, अभिनेता रिया चक्रवर्ती, डीनो मोरिया, सूरज पंचोली और कुछ पुलिस अधिकारियों समेत अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। नाम FIR में होना अपने आप में आरोपी होना नहीं है; CBI ने कहा है कि जांच के दौरान भूमिका स्थापित होने पर ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
आदित्य ठाकरे ने क्या कहा?
आदित्य ठाकरे ने बुधवार को दिशा सालियन को जानने या उनसे मिलने से इनकार किया। उन्होंने आरोपों को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताते हुए कहा कि उनका नाम इस मामले में बेवजह जोड़ा जा रहा है। ठाकरे ने इसे अपने खिलाफ “character assassination” बताया।
CBI अब क्या जांच करेगी?
CBI की जांच में सबसे पहले दिशा सालियन की मौत से जुड़े पुराने पुलिस रिकॉर्ड और शुरुआती जांच की समीक्षा की जा रही है। इसके अलावा जांच एजेंसी पुलिस अधिकारियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज कर सकती है तथा पोस्टमार्टम, फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल और उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की दोबारा जांच करेगी।
दिशा सालियन की मौत कब हुई थी?
दिशा सालियन की 8 जून 2020 को मुंबई में एक आवासीय इमारत से गिरने के बाद मौत हुई थी। वह अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनकी मौत के छह दिन बाद, 14 जून 2020 को सुशांत सिंह राजपूत की भी मुंबई स्थित उनके आवास पर मौत हो गई थी। दोनों घटनाओं के समय को लेकर लंबे समय से सार्वजनिक और राजनीतिक बहस होती रही है।
हाईकोर्ट के आदेश के बाद शुरू हुई नई जांच
दिशा के पिता सतीश सालियन ने मामले की नए सिरे से जांच की मांग को लेकर बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया था। अदालत के निर्देश के बाद CBI ने FIR दर्ज की और जांच शुरू की। एजेंसी फिलहाल उपलब्ध दस्तावेजों और आरोपों की जांच कर रही है।
अभी सबसे महत्वपूर्ण बात: CBI की जांच शुरुआती चरण में है। FIR में किसी व्यक्ति का नाम या उसकी भूमिका की जांच किए जाने का उल्लेख अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। आगे CBI की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही मामले की तस्वीर स्पष्ट होगी।
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